गुरुवार, 24 अप्रैल 2025

आतंकवाद का इलाज कैसे हो

 यह मेरा मत है 

मेरे मत से दूसरे लोग असहमत भी हो सकते हो। 

लेकिन मेरा मानना है पाकिस्तान पर कार्यवाही करने के साथ, जब तक भारत के अंदर के गद्दारों को नही लटकाया जाएगा तब तक उनकी कमर नहीं टूटेगी ।

भारतीयता वाला नागरिक मरता रहेगा, बंगाल केरल कश्मीर में भारतीय सोच के समाज के लोगों को धार्मिक आधार पर घरों को चिन्हित करके जलाया गया।

जब तक भारतीय समाज और सरकार दोनों मिलकर भारत के अंदर के गद्दारों का चमड़ा नहीं उधेड़ेंगे तब तक इनमें डर और सुधार नहीं होगा ।

मैं नेतृत्व से यही निवेदन करूंगा कि पाकिस्तान पर कार्यवाही करने के साथ भारत के अंदर के गद्दारों के चमड़े बड़ी मात्रा में उधेड़ना शुरू कीजिए और खुलेआम चमड़े उधेड़िए उसके लिए अगर सरकार को सेना के साथ भारतीय सोच के समाज को भी सशस्त्र करना पड़े तो कीजिए लेकिन भारत के अंदर से सफाई शुरू होनी चाहिए बाहर की सफाई के साथ देश से भी कचरा साफ होना चाहिए  

जिस देश के 2 से 3 करोड़ घुसपैठिये आतंकवादी रह रहे हो।

जिस देश में करोड़ों से ज्यादा ऐसे भेड़िये हो चुके हो जो भारत के हारने और भारत पर हमले का जश्न मनाते हो। आतंकवादियों को संरक्षण और जानकारी मुहिया करते हो, उन्हें रेकी करवाते हो, आतंकवादियों को अपने घर में ढाल बनाकर छुपाते हो ऐसे लोग जब देश के अंदर हो तो स्थाई हल नहीं निकलेगा।

भारत सरकार को भारत के अंदर के गद्दारों के चमड़े उधेड़ने में और घुसपैठियों को  देखते ही गोली मारकर भगाने में अभियान चलाना चाहिए ।

साथ उन राजनेताओं जो उनके समर्थन और उनके संरक्षण आगे रहते है उनको भी कठोर दंड देना चाहिए ।

दशकों बाद मजबूत नेतृत्व देश को मिला है यह हम लोगों का सौभाग्य है , बस इसीलिए भरोसा है कि यह वर्तमान नेतृत्व ही कुछ कर सकते हैं इनमें इतना दम भी है और इतना त्याग भी है।


मैं पुनः निवेदन करता हूं पाकिस्तान पर कार्यवाही के साथ भारत के अंदर के गद्दारो ओर घुसपैठियों के चमड़े भी उधेड़ दो।

मंगलवार, 7 मई 2024

स्वास्थ्य और जीवन के महत्त्वपूर्ण सूत्र

 *।।ऋषियों द्वारा दिए गए ज्ञान के, सुनहरे प्राचीन स्वास्थ्य सूत्र ।।*


*१. अजीर्णे भोजनं विषम् ।*

यदि पहले किया हुआ भोजन का पाचन न हुआ हो और दूसरा भोजन लिया जाए तो वह विष {जहर} के समान हो जाता है ।। भूख लगना एक संकेत है कि पिछला भोजन पच चुका, तो ही भोजन करें ।।

 

*२. अर्धरोगहरी निद्रा ।।*

अच्छी निद्रा से बहुत  सारे रोग {बीमारियां} अपने आप दूर हो जाती है ।।

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*३ मुद्गदाली गदव्याली ।।*

सभी दालों में से हरे मूंग की दाल सबसे अच्छी होती है ।।  यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है  अन्य सभी दालों के एक या दूसरे दुष्प्रभाव भी होते हैं ।।


*४. भग्नास्थि-संधानकरो लशुनः ।।*

लहसुन टूटी हुई हड्डियों को भी जोड़ देता है ।।

*५. अति सर्वत्र वर्जयेत् ।।*

किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन,  इसलिए कि उसका स्वाद अच्छा है,

नही करें ।।

 *स्वास्थ्य के लिए यहअच्छा नहीं है ।। संयमित रहें ।।*


*६. नास्ति मूलमनौषधम् ।।*

ऐसी कोई {तरकारी} सब्जी नहीं है, जिसका शरीर को कोई औषधीय लाभ न हो ।।


*७.  न वैद्यः प्रभुरायुषः ।।*

कोई  वैद्य / डॉक्टर दीर्घायु देने में सक्षम नहीं है ।।

 (वैद्य /डॉक्टरों की भी सीमाएं हैं ।।

*आप अपने नियम संयम से ही दीर्घायु प्राप्त करते हैं ।।*


*८. चिंता व्याधि प्रकाशाय ।।*

चिंता ही जाने  से स्वास्थ्य बिगड़ता है ।।

*९. व्यायामश्च शनैः शनैः ।।*

कोई भी व्यायाम धीरे-धीरे करें ।।

तेज गति से व्यायाम या कार्डियो अच्छा नहीं है ।।


*१०. अजवत् चर्वणं  कुर्यात् ।।*

अपने भोजन को बकरी की की भाँति चबाएँ, कभी भी बहुत शीघ्रता से भोजन नही करें ।।

धीरे-धीरे भोजन करने से लार बनता है और वह पाचन क्रिया में सहायक होता है ।।


*११.  स्नानं नाम मनःप्रसाधनकरं  दुःस्वप्न-विध्वंसनम् ।।*

 नहाने से {डिप्रेशन} अवसाद दूर होता है ।।

 यह बुरे सपनों को दूर भगाता है ।।


*१२. न स्नानमाचरेद्  भुक्त्वा ।।*

भोजन के तुरंत बाद कभी भी नहाना नहीं चाहिए, क्योंकि पाचन तंत्र प्रभावित होता है ।।

 

*१३. नास्ति मेघसमं तोयम् ।।*

वर्षा के जल की शुद्धता से कोई भी जल का मेल नही ।।

 

*१४.  अजीर्णे भेषजं वारि ।।*

अपच होने पर सादा जल औषधि का काम करता है ।।


*१५. सर्वत्र नूतनं  शस्तं, सेवकान्ने पुरातने ।*

सदैव ताजी {सत्वर} चीजों को प्राथमिकता दें, परन्तु चावल और सेवक पुराने होने पर ही अच्छे होते हैं ।।

*१६. नित्यं सर्वा रसा भक्ष्याः ।।*

ऐसा भोजन करें जिसमें सभी छह प्रकार  के स्वाद हों ।।

*जैसे-- नमकीन, मीठा, कड़वा, खट्टा, कसैला और तीखा ।।*


*१७. जठरं पूरायेदर्धम् अन्नैर्, भागं जलेन च । वायोः संचरणार्थाय चतर्थमवशेषयेत् ।।*

अपना आधा पेट ठोस पदार्थों {भोजन} से भरें, एक चौथाई पेट पानी से और एक चौथाई इसे खाली रहने दें ।।

*१८. भुक्त्वा शतपथं गच्छेद् यदिच्छेत् चिरजीवितम् ।।*

यदि दीर्घ {लम्बा} जीवन जीना चाहते है तो, भोजन के बाद सौ कदम चले 

और फिर बाईं ओर करवट लेकर थोड़ी देर लेट जाएं ।।


*१९. क्षुत्साधुतां जनयति ।।*

भूख भोजन का स्वाद बढ़ा देती है ।।

इसलिए, भूख लगने पर ही भोजन करें ।।


*२०. चिंता जरा नाम मनुष्याणाम्।।*

चिंता करने से शीध्र आ जाता है बुढ़ापा ।।


*२१. शतं विहाय भोक्तव्यं, सहस्रं स्नानमाचरेत् ।।*

सौ काम छोड़ कर भोजन कर लेना चाहिए, 

और एक हजार काम छोड़कर स्नान कर लेना चाहिए ।।

 

*२२. सर्वधर्मेषु मध्यमाम्।।*

सदैव बीच का रास्ता चुनें ।

किसी भी चीज में अति करने से बचें

*भक्ष्य अभक्ष्य का सदैव ध्यान रखना चाहिए ।।*


*आप का दिन मंगलमय हो*🌷🌷

रविवार, 14 अप्रैल 2024

कुलधरा, राजस्थान / KULDHARA Rajasthan

 एक ऐसा गांव जो रातों-रात वीरान हो गया और सदियों से लोग आज तक नहीं समझ पाए कि इस गांव के वीरान होने का रहस्य क्या था। राजस्थान एक ऐसा राज्य है जहां के हर शहर में इतिहास से जुड़े कई राज और कहानियां छुपी हैं जो इसे खास बनाती है. राजा-महाराजाओं के लिए खास ये राज्य कई कारणों से लोगों को डराता थी है. यहीं पर भारत का सबसे डरावना किला है, जिसे भानगढ़ का किला कहते हैं. पर सिर्फ भानगढ़ ही नहीं, यहां पर एक भूतिया गांव है, जहां रात तो क्या, दिन में भी जाने से लोग डरते हैं. इस गांव की कहानी काफी चौंकाने वाली है. इस गांव का नाम है कुलधरा

कुलधरा गांव की वीरानी को लेकर एक अजीब रहस्य है। दरअसल, कुलधरा की कहानी करीब 200 साल पहले शुरू हुई थी, जब कुलधरा कोई खंडहर नहीं था बल्कि आसपास के 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा बसाए जाते थे। लेकिन तभी कुलधरा को किसी की बुरी नजर लग गई, वह शख्स थे रियासत के दीवान सालम सिंह। अय्याश दीवान सलाम सिंह की गंदी नजर गांव की एक खूबसूरत लड़की पर पड़ी। दीवान उस लड़की का इतना दीवाना था कि वह बस उसे किसी भी तरह पाना चाहता था। इसके लिए उसने ब्राह्मणों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब दीवान ने लड़की के घर संदेश भेजा कि अगर अगली पूर्णिमा तक उसे लड़की नहीं मिली तो वह गांव पर हमला कर लड़की को उठा ले जाएगा।

दीवान और गाँव वालों के बीच की यह लड़ाई अब एक कुंवारी लड़की के सम्मान के साथ-साथ गाँव के स्वाभिमान की भी थी। गाँव की चौपाल पर पालीवाल ब्राह्मणों की एक बैठक हुई और 5000 से अधिक परिवारों ने अपने सम्मान के लिए रियासत छोड़ने का फैसला किया। ऐसा कहा जाता है कि सभी 84 गांव वाले फैसला लेने के लिए एक मंदिर में इकट्ठा हुए और पंचायतों ने फैसला किया कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे अपनी लड़कियों को उस दीवान को नहीं देंगे। अगली शाम कुलधरा इतना वीरान था कि आज पक्षी भी गाँव की सीमा में नहीं घुसे। ऐसा कहा जाता है कि उन ब्राह्मणों ने गाँव छोड़ते समय इस स्थान को श्राप दिया था। आपको बता दें कि बदलते वक्त के साथ 82 गांवों का पुनर्निर्माण किया गया, लेकिन दो गांव कुलधरा और खाभा तमाम कोशिशों के बावजूद आज तक आबाद नहीं हो सके हैं. यह गांव अब भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है जिसे प्रतिदिन दिन के उजाले में पर्यटकों के लिए खोला जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि इस गांव पर आध्यात्मिक शक्तियों का वास है। पर्यटन स्थल बन चुके कुलधरा गांव में घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आवाज आज भी सुनी जा सकती है। उन्हें हमेशा ऐसा महसूस होता है कि कोई वहां घूम रहा है. बाज़ार की आवाज़ें, महिलाओं की चहचहाहट और उनकी चूड़ियों और पायलों की आवाज़ हमेशा रहती है। प्रशासन ने इस गांव की सीमा पर एक गेट बनवाया है, जिससे दिन में तो पर्यटक घूमने आते रहते हैं, लेकिन रात के समय इस गेट को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता।

कुलधरा गांव में एक ऐसा मंदिर है जो आज भी श्राप से मुक्त है। यहां एक बावड़ी भी है जो उस समय पीने के पानी का स्रोत थी। यहां नीचे एक शांत गलियारे तक जाने के लिए कुछ सीढ़ियां भी हैं, कहा जाता है कि यहां शाम ढलने के बाद अक्सर कुछ आवाजें सुनाई देती हैं। लोगों का मानना है कि वह आवाज 18वीं सदी का दर्द है, जिससे पालीवाल ब्राह्मण गुजरे थे. गांव में कुछ घर ऐसे हैं, जहां अक्सर रहस्यमयी परछाइयां नजर आती हैं। दिन के उजाले में सब कुछ इतिहास की कहानी जैसा लगता है, लेकिन शाम होते ही कुलधरा के दरवाजे बंद हो जाते हैं और आध्यात्मिक शक्तियों की एक रहस्यमय दुनिया सामने आती है। लोगों का कहना है कि रात के समय जो भी यहां आया वह हादसे का शिकार हो गया।


गुरुवार, 28 सितंबर 2023

ये बातें रिलेशनशिप को बना देती है मजबूत

 

एक सफल विवाह उस बुनियाद पर बनता है जो केवल प्रेम से परे होता है। कई आवश्यक तत्वों में से, पारदर्शिता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब किसी रिश्ते में पारदर्शिता की कमी होती है, जहां पार्टनर एक-दूसरे से अपने विचार और भावनाएं छिपाते हैं, तो यह शादी की नींव को कमजोर कर सकता है।अक्सर, इस तरह का छिपाव गलतफहमियों और संदेहों को जन्म देता है, जिन्हें केवल खुले और ईमानदार संचार के माध्यम से ही हल किया जा सकता है। आज आपको बताएंगे एक सफल विवाह के लिए संचार और पारदर्शिता क्यों महत्वपूर्ण हैं।

1. मानसिक शंकाओं का समाधान:
जब एक साथी दूसरे से जानकारी या भावनाएं छुपाता है, तो यह दूसरे के मन में संदेह और शंकाओं को जन्म दे सकता है। ऐसे मामलों में, खुला संचार आवश्यक हो जाता है। मुद्दों को छिपाने के बजाय उन पर खुलकर चर्चा करने से विश्वास बनाने में मदद मिलती है और उत्पन्न होने वाले किसी भी संदेह या चिंता का समाधान हो सकता है।

2. रिश्ते को मजबूत बनाना:
शोध से पता चला है कि जानकारी छुपाने और रिश्ते में कुछ मामलों पर खुलकर चर्चा न करने से अविश्वास पैदा हो सकता है। अपने साथी को खुलकर बोलने और खुद को अभिव्यक्त करने की आजादी देना और ऐसा करना, रिश्ते में बंधन को मजबूत कर सकता है। जब दोनों साझेदार खुले और पारदर्शी होते हैं, तो यह संबंध की गहराई और अंतरंगता को बढ़ाता है।

3. तीसरे पक्ष की भागीदारी से बचना:
वैवाहिक संबंधों में, किसी तीसरे पक्ष का प्रवेश, चाहे वह माता-पिता, भाई-बहन, मित्र या परामर्शदाता हो, अक्सर परेशानी का संकेत देता है। मुद्दों को छिपाए बिना सकारात्मक और खुला संचार ऐसी स्थितियों को उत्पन्न होने से रोक सकता है। मुद्दों को समझने या सुलझाने के लिए विवाह से बाहर के किसी व्यक्ति की सहायता लेने से भागीदारों के बीच दूरियाँ पैदा हो सकती हैं। जोड़ों के लिए सीधे संचार के माध्यम से एक-दूसरे को समझना बेहतर होता है।

4. आत्म-सुधार:
जब पार्टनर अपने विचार, पसंद, नापसंद और चिंताओं को खुलकर साझा करते हैं, तो यह न केवल एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है, बल्कि किसी की अपनी आदतों और गुणों के बारे में भी जानकारी देता है। यह आत्म-जागरूकता व्यक्तिगत विकास को जन्म दे सकती है, जिससे दोनों व्यक्ति विवाह में बेहतर भागीदार बन सकते हैं।

5. भावनात्मक बंधन:
अपने साथी के साथ खुली और ईमानदार बातचीत करने से न केवल भावनात्मक बंधन गहरा होता है बल्कि शारीरिक अंतरंगता भी बढ़ती है। विश्वास और भावनात्मक निकटता अक्सर साथ-साथ चलती है, और एक पारदर्शी रिश्ता अधिक संतुष्टिदायक शारीरिक संबंध को जन्म दे सकता है।

निष्कर्षतः, पारदर्शिता और खुला संचार एक सफल विवाह की आधारशिला हैं। साथी से विचारों और भावनाओं को छिपाने से गलतफहमी, अविश्वास और रिश्ते कमजोर हो सकते हैं। इसके बजाय, जोड़ों को एक-दूसरे के साथ खुलकर और ईमानदारी से संवाद करना सीखना चाहिए। यह न केवल मुद्दों को हल करता है बल्कि रिश्ते को मजबूत करता है, तीसरे पक्ष की भागीदारी को रोकता है, व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देता है और भागीदारों के बीच भावनात्मक और शारीरिक संबंध को गहरा करता है। एक सफल विवाह के लिए केवल प्रेम से कहीं अधिक की आवश्यकता होती है; इसके लिए पारदर्शिता और प्रभावी संचार के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।

टैक्स पेयर्स के पैसे बर्बाद कर रहीं ममता बनर्जी..', I.N.D.I.A. गठबंधन की साथी पर 'कांग्रेस' ने बोला हमला

बुधवार, 28 जून 2023

धन का सदुपयोग








दो-दो करोड़ से ज्यादा खर्च करके सिर्फ टाइटैनिक का मलबा देखने और फोटोग्राफी करने के मंतव से अपनी जान गवा बैठे 5 अरबपति, आखरी समय उनका समय कैसा पीड़ा वाला रहा होगा कोई सोच भी नही सकता।

और अब "टाइटन गेट" पनडुब्बी में सवार सभी अरबपति आज मृत घोषित कर दिए गए। 

उनके पास चाहे कितना ही पैसा था पर आखिरी समय में केवल "जीवित रहने" और धरती पर वापस आने के लिए प्रार्थना कर रहे होंगे।

जीवन अपने आप में कितना अनमोल है, इसे महत्व दें, इसके लिए आभारी रहें, अपनी ऊर्जा एवं धन को सकारात्मक कार्यों में खर्च करें।

जब आपके पास बहुत ज्यादा पैसा हो तो उलटी सीधी हरकतों के बजाय अपने जीवन का अधिकतम लाभ उठायें गरीबों एवं जरूरतमन्दों की मदद करें..

Ocean Gate कंपनी पहले ही एफिडेविट ले चुकी थी के अगर इस 8 घंटे के हैरतंगेज टूर में जान चली जाती है तो उसका कोई क्लेम नही होगा।

सोचकर ही रोंगटे खड़े होते है के यह कैसा हैरतंगेज काम था जो लगभग एक सदी पहले डूब चुके टाइटैनिक जहाज का मलबा मात्र देखने का प्रोग्राम था।

सोचकर देखो उस जगह पर हजार से ज्यादा लोगों की आत्मा भटक रही होगी और यह लोग अब उन्हीं आत्माओं के पास चले गए।


अपना पैसा और सरमाया अच्छे कार्यों पर खर्च

शनिवार, 12 नवंबर 2022

जनता की बात

 जनता की बात...... 

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जनहित और देशहित में सभी विभागों के कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश, पेंशन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बिना राजनीतिक दबाव के कार्य की स्वतन्त्रता जरूरी है 


लेकिन लोकतंत्र का दुर्भाग्य है  देश में नमकहराम, दलबदलू अपराधी वंशवादी भ्रष्टाचारी नेताओं को भी अनाप-शनाप सुविधाएं, विशेषाधिकार,  पेंशन भत्ता मनमाने तरीकों से प्राप्त करने का अधिकार है। 

जनता के लिए सभी कानून कठोरता से लागू लेकिन राजनीतिक आतंकपरस्ती के चलते नेताओं को विशेषाधिकार यह स्थिति बहुत ही खतरनाक है 

सबसे दुर्गति तो पढे लिखे लोग भी अनपढ़ नेताओं के लिए अपना जमीर ईमान नैतिकता मानवता सब बेच देते हैं। 

लेकिन दिन-रात मेहनत करने वाले कर्मचारियों या अधिकारियों पर अनपढ गंवार लोग उनसे ऊपर मंत्री बनकर मंत्री बैठ जाते हैं। अपने राजनैतिक हीन चरित्र से व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। ऐसे लोगों से ही कर्मचारियों और अधिकारियों का कार्यबल और मनोबल कमजोर होता है।

जिससे आमजन का जीवन प्रभावित होता है। 

राजनीतिक नेतृत्व का दोहरा चरित्र राजनीतिक आतंकवाद का पोषक है जिससे युवाओं में नकारात्मकता, असंतोष अपराधवृत्ति बढ रही है। 

जो देश के भविष्य के लिए खतरनाक है

देशवासियों को राजनीतिक आतंकवाद से संघर्ष के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना करना पडेगा। अंग्रेजों से घटिया सोच राजनीतिक आतंकवादियों की है। 

दल और नेता से ऊपर 

जनहित और देशहित प्राथमिकता हो। 


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गुरुवार, 10 नवंबर 2022

मनोविज्ञान प्रश्नोत्तर

 1. सीखने के नियम किसने दिए हैं ? 

Ans ➺ थार्नडाइक ने 


2. बच्चे का सबसे पहला शिक्षक कौन होता है ?

Ans ➺ माता 


3. शिक्षण का प्रथम चरण क्या होता है ?

Ans ➺ पहले से योजना बनाना 


4. किस वैज्ञानिक के अनुसार सभी बालक जन्म के समय समान होते हैं ?

Ans ➺ वाटसन


5. किस वैज्ञानिक ने बच्चों के साथ फोबिया पर कार्य किया ?

Ans ➺ वाटसन 


6. संज्ञान किस बुद्धि के सिद्धांत का हिस्सा है ?

Ans ➺ गिल्फोर्ड का सिद्धांत 


7. हम करके सीखते हैं - किसने कहा था ?

Ans ➺ सिम्पसन


8. बच्चे के मस्तिष्क का आकार किस आयु में लगभग परिपक्व हो जाता है ?

Ans ➺ 6 वर्ष में 


9. किसी कक्षा में सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान किसका होता है ?

Ans ➺ छात्र का 


10. प्राथमिक स्तर पर शिक्षा का माध्यम क्या होना चाहिए ?

Ans ➺ मातृभाषा 


11. छात्रों को स्कूल में गेम क्यों खेलना चाहिए ?

Ans ➺ यह सहयोग और शारीरिक संतुलन विकसित करता है।  


12. आधुनिक मनोविज्ञान के जनक कौन माने जाते हैं ?

Ans ➺ विलियम जेम्स 


13. भारत में प्रथम मनोवैज्ञानिक प्रयोगशाला कहाँ स्थापित की गई थी ?

Ans ➺ कलकत्ता में 


14. शिक्षा में किंडरगार्टन विधि के जन्मदाता कौन थे ?

Ans ➺ फ्रॉएब्ल


15. विशिष्ट बालक का सम्बन्ध किस स्तर से है ?

Ans ➺ बुद्धि स्तर से 


16. बीसवीं शताब्दी को बालक की शताब्दी किसके द्वारा कहा गया है ?

Ans ➺ क्रो एवं क्रो द्वारा 


17. शर्म तथा गर्व जैसी भावना का विकास किस अवस्था में होता है ?

Ans ➺ बाल्यावस्था 


18. शैशवावस्था की मुख्य विशेषता क्या नहीं है ? 

Ans ➺ चिन्तन प्रक्रिया 


19. बाल्यावस्था अवस्था कितना वर्ष तक होती है ? 

Ans ➺ 12 वर्ष तक 


20. मानवों में विकास की सबसे तीव्र गति कब होती है ? 

Ans ➺ किशोरावस्था में 


21. गर्भधारण से शिशु के जन्म  की अवधि को क्या कहते है ? 

Ans ➺ प्रसव पूर्व काल 


22. बालक का प्रारंभिक विकास मुख्यतः किस पर निर्भर है ? 

Ans ➺ माता-पिता 


23. क्या लिखना सूक्ष्म गतिक कौशल का उदहारण है ? 

Ans ➺ हाँ 


24. शारीरिक विकास का नियम क्या है ? 

Ans ➺ अनियमित विकास का नियम 


25. शारीरिक वृद्धि और विकास को क्या कहते हैं ? 

Ans ➺ अभिवृद्धि